कुछ होली पर……….

माँ की सुन-सुन प्यारी बोली, संग बैठ पूरी बेलने,
बचपन की वो मेरी हमजोली, उसपे रंग उड़ेलने,
दिल में बसी वो सूरत-भोली, उसको जी-भर छेड़ने,
चली है मेरे यादों की टोली, आज होली खेलने |

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